मोहतरा कला की बिटिया राजमती विश्वकर्मा पहली बार भारत भवन भोपाल में बिखेरेंगी अपनी कला

भोपाल/कबीरधाम।
कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहतरा कला की होनहार बाल कलाकार राजमती विश्वकर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सुपा कला के प्रदर्शन का सुनहरा अवसर मिला है। 8 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित कला आयोजन में वह भारत भवन भोपाल में पहली बार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
यह उपलब्धि ग्राम पंचायत मोहतरा कला की सरपंच श्रीमती वर्षा निलेश चंद्रवंशी के सौजन्य और सतत सहयोग से संभव हो पाई है। राजमती, ग्राम के प्रतिभाशाली कलाकार भगत राम विश्वकर्मा की सबसे छोटी बेटी हैं। कम समय में अभ्यास और निरंतर लगन से उन्होंने अपनी कला को निखारा और आज राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
भोरमदेव आदिवासी चित्रकार फाउंडेशन की पहल से मिला मंच
‘भोरमदेव आदिवासी चित्रकार फाउंडेशन’ के निदेशक और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा कबीरधाम जिले के ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाशाली कलाकारों की खोज कर उन्हें मंच प्रदान करने का प्रयास लगातार जारी है। ग्राम मोहतरा कला में विकसित अटल उद्यान में रामलीला और कृष्णलीला पर बनी भित्ति चित्रकारी को देखकर राजमती को कला की प्रेरणा मिली।
बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा ने राजमती की प्रतिभा को भारत भवन के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके पश्चात उन्हें इस राष्ट्रीय आयोजन में विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ। आयोजन के दौरान भारत भवन द्वारा राजमती की यात्रा, ठहरने और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
गांव में उत्साह, छत्तीसगढ़ से 24 कलाकार होंगे शामिल
सरपंच श्रीमती वर्षा निलेश चंद्रवंशी ने राजमती को सभी आवश्यक कला सामग्री उपलब्ध कराकर उनका हौसला बढ़ाया। इस उपलब्धि से ग्राम मोहतरा कला में उत्सव जैसा माहौल है और ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव अब सच्चे अर्थों में “कला का गढ़” बनता जा रहा है।
बलबीर सर के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ से कुल 24 कलाकार (11 बालिकाएं और 13 बालक) भोपाल रवाना हो रहे हैं। इस आयोजन में देश के 11 राज्यों से 94 कलाकार अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ग्रामवासियों के लिए राजमती की यह उपलब्धि गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है।





