कवर्धा में फिर तेंदुए की आहट? दो महीने में तीसरी बार आवाज सुनाई देने की चर्चा से सहमे ग्रामीण!
क्या शहर की ओर बढ़ रहे हैं जंगली जानवर, या वायरल वीडियो ने बढ़ाई दहशत? भोरमदेव अभयारण्य प्रबंधन ने कहा—अब तक न पुख्ता जानकारी, न कोई शिकायत

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा। शहर और आसपास के इलाकों में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों के बीच तेंदुए की आवाज सुनाई देने की बात सामने आने के बाद लोगों में डर का माहौल बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पिछले दो महीने के भीतर यह तीसरी बार है, जब तेंदुए की आहट को लेकर ऐसी चर्चा हुई है। हालांकि, इस बार तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आखिर बार-बार क्यों उठ रहा तेंदुए की मौजूदगी का सवाल?
कवर्धा में पहले भी तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में एक बार फिर कथित आवाज की रिकॉर्डिंग सामने आने की बात ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जंगलों से भटककर वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं? क्या जंगलों के आसपास बसे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ रही हैं? या फिर वायरल हो रही रिकॉर्डिंग को तेंदुए की आवाज समझा जा रहा है?
इन सवालों का जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वन विभाग की पुष्टि जरूरी है।
वन विभाग ने क्या कहा?
इस संबंध में भोरमदेव अभयारण्य की एसडीओ अनीता साहू से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शहर में प्रवेश करने के संबंध में विभाग को अब तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। न ही इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेंदुए की आवाज होने का दावा एक वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर किया जा रहा है। रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज वास्तव में तेंदुए की ही है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह दावा गलत भी हो सकता है।
सवाल बरकरार: क्या वन विभाग करेगा जांच?
लगातार ऐसी चर्चाएं सामने आने से लोगों के मन में भय पैदा होना स्वाभाविक है। लेकिन केवल आवाज सुनाई देने के दावे या अपुष्ट वीडियो के आधार पर तेंदुए की मौजूदगी मान लेना सही नहीं होगा।
यदि किसी इलाके में वास्तव में वन्यजीव की गतिविधि के संकेत मिलते हैं, तो वन विभाग द्वारा मौके की जांच और आवश्यक निगरानी से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ग्रामीणों से अपील
लोग किसी भी संदिग्ध आवाज या वीडियो को बिना पुष्टि के तेंदुए की मौजूदगी बताकर प्रसारित न करें। यदि किसी को वास्तव में जंगली जानवर दिखाई देता है, तो उसके करीब जाने या उसका पीछा करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग को सूचना दें।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है—कवर्धा में सचमुच तेंदुए की आहट है या केवल एक अपुष्ट रिकॉर्डिंग से दहशत का माहौल बन रहा है? इसकी पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।



