“सालों से जमा पूंजी, महीनों से दावा और अब भी इंतजार—सहारा निवेशकों को आखिर उनके पैसे के लिए कब तक कतार में खड़ा रहना पड़ेगा?

सीजीएन न्यूज़ | ब्रजेश गुप्ता
सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा जमा करने वाले लाखों निवेशक आज भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 41.56 लाख जमाकर्ताओं को अब तक ₹9,267 करोड़ वापस किए जा चुके हैं, लेकिन करीब 20 लाख आवेदन अभी भी प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं। 8 सितंबर 2026 को सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा बहाल कर लंबित दावों की जांच और भुगतान प्रक्रिया फिर शुरू करने की जानकारी दी है। �
आखिर भुगतान अटक क्यों रहा है?
सरकार के अनुसार नवंबर 2025 के बाद सहारा की संबंधित समितियों के कामकाज में कई प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं आईं। इनमें आईटी सिस्टम, हार्डवेयर और AMC से जुड़े बकाये, लाइसेंस नवीनीकरण तथा मानव संसाधन संबंधी समस्याएं शामिल थीं। इन कारणों से दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई। �
इसके अलावा हर निवेशक को सीधे भुगतान नहीं किया जा सकता। दावे में जमा राशि, सदस्यता, पहचान और बैंक खाते की जानकारी का सत्यापन किया जाता है। भुगतान आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाता है। �
सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान की समय-सीमा बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सहारा निवेशकों के रिफंड के लिए अतिरिक्त ₹5,000 करोड़ उपलब्ध कराने और भुगतान की समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने की जानकारी सरकार ने लोकसभा में दी थी। �
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल
जिन लोगों ने वर्षों पहले पैसा लगाया, क्लेम किया और फिर भी खाते में रकम नहीं आई, उनके लिए सवाल अब सिर्फ “पैसा मिलेगा या नहीं?” का नहीं, बल्कि “सत्यापन कब पूरा होगा और भुगतान की वास्तविक तारीख कब आएगी?” का है।
सरकार ने पोर्टल बहाल कर दिया है, लेकिन करीब 20 लाख लंबित आवेदनों का मतलब है कि बड़ी संख्या में निवेशकों को अभी और प्रक्रिया से गुजरना होगा।




