12.53 लाख खर्च, फिर भी कुएं का पानी पी रहे 70 बैगा परिवार

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा/चिल्फी घाटी
बोड़ला ब्लॉक के वनांचल ग्राम पंचायत बोक्करखार के आश्रित गांव मांदी भाटा खुर्द में जल जीवन मिशन की योजना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। गांव में करीब 70 बैगा परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाने के लिए 12.53 लाख रुपए की योजना स्वीकृत की गई। घरों में नल और पाइपलाइन तो लगा दी गई, लेकिन पानी की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। नतीजतन ग्रामीण आज भी कुएं से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
योजना के तहत बोर से सोलर पंप के जरिए सीधे पाइपलाइन में पानी पहुंचाना था। इसके लिए सोलर सिस्टम लगाया जाना बाकी है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि गांव का इकलौता सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़ा है। ऐसे में महिलाओं और ग्रामीणों को रोजाना कुएं से पानी ढोना पड़ रहा है।
घर के बाहर नल, लेकिन पानी का इंतजार
जल जीवन मिशन के तहत करीब 70 बैगा परिवारों के घरों में नल कनेक्शन लगाए गए और उन्हें पाइपलाइन से जोड़ दिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि योजना पूरी होने के बाद उन्हें घर पर ही पीने का पानी मिल जाएगा। लेकिन नल कनेक्शन लगने के बावजूद उनमें पानी नहीं आ रहा है। घरों के बाहर लगे नल अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।
16 जुलाई 2024 को मिला था काम, जनवरी 2025 तक होना था पूरा
मांदी भाटा खुर्द में सोलर आधारित लघु जल प्रदाय योजना के लिए 12.53 लाख रुपए की अनुबंधित राशि तय की गई थी। निर्माण एजेंसी मेसर्स ह्यण्डा इन्फ्राटेक को 16 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। अनुबंध के अनुसार छह महीने में काम पूरा किया जाना था। यानी जनवरी 2025 तक गांव में पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी। लेकिन समय-सीमा बीतने के बाद भी योजना अधूरी है।
ठेकेदार के साथ विभागीय निगरानी पर भी सवाल
कार्यादेश के अनुसार ठेकेदार की जिम्मेदारी बोर, सोलर पंप और पाइपलाइन की व्यवस्था कर घरों तक पानी पहुंचाने की थी। वहीं पीएचई विभाग के इंजीनियरों को योजना की नियमित निगरानी कर समय पर काम पूरा कराना था। काम में देरी होने पर ठेकेदार को नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई करना भी विभाग की जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
जिले में 623 गांव अभी भी 100% नल कनेक्शन से दूर
जल जीवन मिशन के तहत कबीरधाम जिले की 468 ग्राम पंचायतों के 959 गांवों में 1,93,721 घरेलू नल कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 85.95 प्रतिशत यानी 1,66,508 घरों में कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। अभी 27,213 कनेक्शन बाकी हैं। जिले के 959 गांवों में से केवल 336 गांव ऐसे हैं, जहां 100 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन पहुंचा है। यानी 623 गांव अभी भी इस लक्ष्य से दूर हैं।
बोड़ला ब्लॉक में 50,601 घरेलू नल कनेक्शन का लक्ष्य है। इनमें से 42,821 कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। ब्लॉक की प्रगति 84.63 प्रतिशत है, जो जिले की 85.95 प्रतिशत प्रगति से 1.32 प्रतिशत अंक कम है। बोड़ला में अभी 7,780 घरेलू नल कनेक्शन लगाए जाने बाकी हैं।
सीधी बात : डीएस राजपूत, ईई, पीएचई कबीरधाम
छह महीने में पूरा होने वाला काम अब तक अधूरा क्यों है?
इस योजना में पानी की टंकी स्वीकृत नहीं है। बोर से सोलर पंप के जरिए सीधे पाइपलाइन में पानी देना है। सोलर सिस्टम लगाया जाना बाकी है।
सोलर सिस्टम अब तक क्यों नहीं लगाया गया?
सोलर सिस्टम लगने के बाद ही डायरेक्ट सप्लाई शुरू होगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।
छह महीने की डेडलाइन थी, ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की गई?
इस संबंध में विभागीय स्तर पर जानकारी लेकर ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकता है।
तब तक ग्रामीण क्या करें? हैंडपंप भी खराब पड़ा है।
हैंडपंप को भी दिखवाया जाएगा। ग्रामीणों की पेयजल समस्या का निराकरण करने कार्रवाई की जाएगी।





