अधूरा पुल, ठप बाइपास और चार मौतें: करोड़ों की परियोजनाओं पर लापरवाही, जनता की जान जोखिम में

कवर्धा। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (ए) पर वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य अब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। पांडातराई के गडई खुर्द में फोक नदी पर बन रहा पुल पिछले तीन वर्षों से अधूरा है, वहीं पोंडी-सिल्हाटी बाइपास का निर्माण भी लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है। हालात इतने गंभीर हैं कि एक माह पहले पुराने पुल पर रेलिंग नहीं होने के कारण कार नदी में गिर गई, जिसमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और ठेकेदारों की कार्यशैली में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (ए) के पोंडी-पंडरिया-बिलासपुर खंड में टू-लेन बाइपास निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण के लिए 351.19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, लेकिन वर्षों बाद भी प्रमुख परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
तीन साल से अधूरा पुल, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ बांस का घेरा
गडई खुर्द स्थित फोक नदी पर नया पुल लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया जा रहा था, लेकिन एक ओर की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया। मजबूरी में लोग आज भी पुराने जर्जर और संकरे पुल से गुजर रहे हैं, जहां रेलिंग तक नहीं है। सुरक्षा के नाम पर केवल बांस का घेरा लगाया गया है, जो किसी बड़े हादसे को रोकने में पूरी तरह नाकाफी साबित हो रहा है।
पोंडी-सिल्हाटी बाइपास का निर्माण भी ठप
फोक नदी पुल की तरह पोंडी-सिल्हाटी बाइपास परियोजना भी निर्धारित समय से काफी पीछे चल रही है। इस बाइपास के बनने से कवर्धा-पंडरिया मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम होना था, लेकिन ठेकेदार की सुस्ती के चलते काम लंबे समय तक बंद रहा। हाल ही में बारिश के दौरान दोबारा काम शुरू हुआ, लेकिन फिर से बंद हो गया।
दिशा समिति की बैठक में सांसद ने जताई नाराजगी
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद संतोष पांडेय ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में हो रही देरी पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्यों और लगातार हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सांसद ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने बताई देरी की वजह
राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (ए) के एसडीओ ए.आर. पैगवार के अनुसार पोंडी-सिल्हाटी बाइपास का कार्य ठेकेदार द्वारा अपेक्षित गति से नहीं किए जाने के कारण प्रभावित हुआ है। वहीं गडई खुर्द में फोक नदी पर नए पुल का निर्माण भूमि मुआवजा और अधिग्रहण संबंधी समस्याओं के कारण रुका हुआ है।
जनता का सवाल
एक महीने में चार लोगों की जान जाने के बाद भी यदि अधूरा पुल, बिना रेलिंग का पुराना मार्ग और ठप निर्माण कार्य जस के तस बने हुए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर करोड़ों रुपये की परियोजनाएं कब पूरी होंगी और जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षित और समय पर पूर्ण होने वाले निर्माण कार्यों की मांग कर रही है।





