
कवर्धा, 18 फरवरी 2026। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में तम्बाकू नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा प्रभावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ अभियान को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि जिले को तम्बाकू मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. रोशनी पटेल ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों तथा तम्बाकू मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित गतिविधियों का विवरण रखा।
कोटपा-2003 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कवर्धा शहरी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। जिला चिकित्सालय के सामने स्थित पान दुकानों, किराना स्टोर्स, थोक विक्रेताओं एवं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में संचालित दुकानों की जांच की गई। इस दौरान धारा 04 एवं 06 के तहत कुल 30 चालान काटे गए।
अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदारों और आम नागरिकों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कोटपा-2003 के नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। संबंधित धाराओं की जानकारी वाले पाम्पलेट्स का वितरण भी किया गया।
प्राथमिक शाला खजरी में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। अभियान का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. रोशनी पटेल एवं देवेन्द्र ध्रुव ने किया। इस दौरान श्रम विभाग, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित


