उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला में निःशुल्क सोनोग्राफी एवं रक्तदान शिविर आयोजित

कवर्धा, 28 नवम्बर 2025। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निर्देश के अनुरूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सीमित रहती है।
शिविर में कुल 91 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की गई, जिसके माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के मामलों की समय रहते पहचान संभव हो सकी। चिकित्सक दल ने प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, एनीमिया की रोकथाम तथा संस्थागत प्रसव के महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। बोड़ला, चिल्फी, रेंगाखार, तरेगांव, झलमला सहित आसपास के वन ग्रामों की महिलाओं ने इसका लाभ उठाया।
इसके अतिरिक्त, 146 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच (ओपीडी) भी की गई, जिनमें नि:शुल्क दवाइयाँ, परामर्श एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। वहीं आयोजित रक्तदान शिविर में 6 दाताओं ने रक्तदान कर मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया। चिकित्सा टीम के अनुसार, रक्तदान गंभीर स्थितियों, दुर्घटनाओं, प्रसव एवं शल्य चिकित्सा के दौरान जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस पहल से बोड़ला सेक्टर के मंडलटोला, खरिया, बैरक, बोड़ला; पोड़ी सेक्टर के रामहेपुर, सारंगपुरकला, कुसुमघटा, पोड़ी; तथा बैजलपुर सेक्टर के खंडसरा, भलपरी, मढ़ाडाबरी, मड़मढ़ा, बैजलपुर आदि ग्रामों के ग्रामीण लाभान्वित हुए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु ऐसे शिविर नियमित आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में लगातार ऐसे स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित हो सके। वहीं बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा कि सोनोग्राफी से हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान समय पर हो जाती है, जो वनांचल क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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सोनोग्राफी की प्रमुख उपयोगिताएँ
शिशु के विकास की निगरानी
गर्भावस्था की पुष्टि एवं प्रसव तिथि का निर्धारण
प्लेसेंटा व अम्नियोटिक द्रव की जांच
जन्मजात विकृतियों की पहचान
जटिलताओं (जैसे प्लेसेंटा प्रीविया) का पता
एक से अधिक शिशु की पहचान





