₹1 और ₹2 के पुराने नोट लाखों में बिकने का दावा, सोशल मीडिया पर वायरल खबरों से रहें सावधान
पुराने नोट बेचने के नाम पर ठगी का खतरा, बिना पुष्टि के दावों पर न करें भरोसा

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
सोशल मीडिया पर इन दिनों पुराने ₹1, ₹2 और ₹5 के नोट लाखों रुपये में बिकने के दावे लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। कई जगह पुराने नोटों की तस्वीरें साझा कर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचने की बात कही जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई पुराने नोटों के बदले लाखों रुपये मिल सकते हैं?
जानकारों के अनुसार, पुराने नोटों की कीमत उनकी दुर्लभता, छपाई के वर्ष, सीरियल नंबर, विशेष निशान और उनकी मौजूदा स्थिति पर निर्भर करती है। कुछ दुर्लभ नोटों को मुद्रा संग्रहकर्ता खरीदने में रुचि दिखा सकते हैं, लेकिन प्रत्येक पुराने नोट की कीमत लाखों रुपये होना सही नहीं है। किसी नोट की वास्तविक कीमत का आकलन किए बिना सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर भरोसा करना उचित नहीं है।
फर्जी वीडियो और ठगी से रहें सतर्क
पुराने नोटों की खरीद-बिक्री के नाम पर ऑनलाइन ठगी का खतरा भी बना रहता है। ठग लोगों को नोट के बदले मोटी रकम दिलाने का लालच देकर रजिस्ट्रेशन फीस, कमीशन या अन्य शुल्क मांग सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी पुराने नोटों और सिक्कों की खरीद-बिक्री के नाम पर उसके द्वारा शुल्क या कमीशन मांगे जाने के दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। RBI पुराने नोटों और सिक्कों की खरीद-बिक्री नहीं करता।
कैसे पता करें आपके नोट की कीमत?
यदि आपके पास ₹1, ₹2 या ₹5 का पुराना नोट है, तो उसके छपाई वर्ष, सीरियल नंबर, हस्ताक्षर, विशेष निशान और नोट की स्थिति की जांच करें। इसके बाद किसी विश्वसनीय मुद्रा संग्रह विशेषज्ञ से मूल्यांकन कराया जा सकता है।
खास बात: पुराने नोट को लाखों रुपये में बेचने का दावा अपने आप में उसकी वास्तविक कीमत का प्रमाण नहीं है। बिना सत्यापन के ऐसे दावों को सच मानने या किसी को अग्रिम भुगतान करने से बचें।





