फर्जी एसटी प्रमाण पत्र पर 8 साल से जिला पंचायत में नौकरी का आरोप
कवर्धा। जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अधिकारों के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। बोड़ला ब्लॉक के ग्राम राजानवागांव निवासी भुनेश्वर केवट पर आरोप है कि उसने फर्जी एसटी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जिला पंचायत के आवास समन्वयक विभाग में लगभग आठ वर्षों से नौकरी हासिल कर रखी है। आरोप यह भी है कि उसने और उसके परिवार ने एसटी वर्ग की शासकीय योजनाओं का अनुचित लाभ लिया।
मामला उजागर होने के बाद आदिवासी समाज में तीखी नाराजगी है। समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में संलग्न दस्तावेजों के अनुसार परिवार के अन्य सदस्यों के शासकीय अभिलेखों में जाति “केवट/निषाद” दर्ज है, जबकि भुनेश्वर द्वारा एसटी वर्ग का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है।
समाज ने जाति प्रमाण पत्र जारी और सत्यापन करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में फर्जी प्रमाण पत्र तत्काल निरस्त करने, नौकरी से बर्खास्तगी, अब तक प्राप्त शासकीय लाभों की वसूली तथा फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।





