
कवर्धा, 14 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत संचालित उप-योजना “सीजी-से” (छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना) का मुख्य उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सही पहचान कर उन्हें आजीविका से जोड़ना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कबीरधाम जिले में ग्राम संगठन स्तर पर गठित चयन समिति के सदस्यों को सतत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण चयन समिति के सदस्यों को वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान करने में सक्षम बनाने के साथ-साथ योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक है। जिले के विकासखंड पंडरिया, बोड़ला एवं सहसपुर लोहारा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 05 जनवरी 2026 से संचालित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान समिति के सदस्यों को सरल, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण प्रक्रिया से लक्षित परिवारों के चयन की जानकारी दी जा रही है। इसके अंतर्गत पीआरए गतिविधियाँ, सामाजिक मानचित्र निर्माण, घर-घर सर्वेक्षण, सर्वे फॉर्म भरने की प्रक्रिया तथा चयन के मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
उदाहरणों एवं समूह गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि समुदाय की भागीदारी से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कैसे की जा सकती है, जिससे योजना का लाभ सही पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। प्रशिक्षण में ग्राम संगठन की दीदियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है, जिससे जमीनी स्तर पर योजना को मजबूती मिल रही है।
सीजी-से योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
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