
कवर्धा, 19 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रदर्शन एवं मूल्यांकन पर द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन 18 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने की, जबकि सह-अध्यक्षता न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू द्वारा की गई। अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें संविधान के अनुच्छेद 39-क के तहत समान न्याय की अवधारणा को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि अब तक आयोजित नौ राष्ट्रीय लोक अदालतों में कुल 2,27,18,454 मामलों का निपटारा किया गया है और प्रकरणों के निस्तारण में छत्तीसगढ़ लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालतों में उत्कृष्ट योगदान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी तथा विभिन्न जिलों से आए पैरा लीगल वॉलंटियर्स उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने तथा त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ हुआ।





