
पिपरिया। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में शासकीय महंत श्रीरामजानकी शरण दास वैष्णव कॉलेज ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक वाचनालय (रीडिंग रूम) का उद्घाटन किया गया, जो अब केवल अध्ययन स्थल नहीं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल लर्निंग का प्रमुख केंद्र बनेगा।
वाचनालय का उद्घाटन जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष कमलकांत नाविक ने किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. एस.के. श्रीवास ने बताया कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाचनालय में 50 विद्यार्थियों के बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। साथ ही 15 आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। इन कंप्यूटरों के माध्यम से छात्र ऑनलाइन कोर्स, ई-लर्निंग सामग्री, डिजिटल नोट्स और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म से जुड़कर अध्ययन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। डिजिटल माध्यम से अध्ययन ही छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देता है, और यह वाचनालय उसी सोच का परिणाम है।
प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेष फोकस, 10 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध
कॉलेज के ग्रंथालय में विषयगत अध्ययन के लिए पहले से ही 10,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। नए वाचनालय के माध्यम से अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी विशेष सुविधा मिलेगी। यहां नेट, सेट, व्यापम, पीएससी, एसएससी, बैंकिंग सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं की अलग व्यवस्था की गई है।
ग्रंथालय प्रभारी सत्येंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि छात्र अब नियमित रूप से अखबार, पत्रिकाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री पढ़ सकेंगे, जिससे उनकी सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों पर पकड़ मजबूत होगी। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष कमलकांत नाविक ने कहा कि यह वाचनालय ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को उच्च स्तरीय अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा।
छात्रों ने बताया बेहद उपयोगी
उद्घाटन समारोह में सहायक ग्रंथालय प्रभारी जीवन सी. मरकाम, सहायक प्राध्यापक बृजभूषण वर्मा, सी.आर. साहू, डॉ. ममता दुबे, डॉ. सरस्वती राठौर, नंदनी टंडन, चंद्रप्रकाश सोनी सहित सभी प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्रों ने वाचनालय का अवलोकन कर इसे अपने भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना है कि अब वे नियमित अध्ययन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी व्यवस्थित रूप से कर सकेंगे।
कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि यह वाचनालय छात्रों के अध्ययन स्तर को ऊंचा उठाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह पहल न केवल पिपरिया कॉलेज बल्कि पूरे क्षेत्र में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई दिशा तय करेगी।




