
कवर्धा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं जिले में कड़ी निगरानी और सतर्कता के बीच शुरू हुईं। शनिवार को कक्षा 10वीं का पहला प्रश्नपत्र हिन्दी का आयोजित किया गया। पहले ही दिन जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि किसी भी केंद्र पर नकल या अनुचित साधनों के उपयोग का एक भी मामला सामने नहीं आया।
जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल ने बोड़ला ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाखनपुर (सहसपुर लोहारा), शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उड़िया खुर्द, पीएम श्री सेजेस सहसपुर लोहारा तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिल्हाटी सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक और अनुशासन के साथ संचालित पाई गई। परीक्षा कक्षों में पर्याप्त फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्रसाधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
20,942 विद्यार्थी दे रहे हैं परीक्षा
शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में कुल 20,942 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें कक्षा 10वीं के 12,215 तथा कक्षा 12वीं के 8,272 परीक्षार्थी हैं। जिले भर में 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बड़ी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारी की है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की पहचान कर विशेष निगरानी की जा रही है।
12वीं परीक्षा केंद्रों पर भी कड़ी निगरानी
20 फरवरी को आयोजित हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के प्रथम दिवस पर भी उड़नदस्ता दल सक्रिय रहा। विज्ञान संकाय के भौतिकशास्त्र एवं कला संकाय के भूगोल विषय की परीक्षा के दौरान जिला मुख्यालय स्थित होलीक्रॉस स्कूल कवर्धा, बोड़ला ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजानवागांव और खैरबना कला केंद्रों का निरीक्षण किया गया। यहां भी परीक्षा पूरी शांति और अनुशासन के साथ संचालित होती पाई गई।
गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम
बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों में ग्लूकोज, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि किसी भी परीक्षार्थी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। कुछ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी भी रखी जा रही है।
नकल मुक्त परीक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उड़नदस्ता दल द्वारा नियमित औचक निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन नकल का एक भी मामला सामने नहीं आना प्रशासनिक सख्ती का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा





