
कवर्धा -: जिले में डिजिटल सर्वे और गिरदावरी प्रक्रिया में लापरवाही का खामियाज़ा किसानों को उठाना पड़ रहा है। पोर्टल पर खेतों के रकबे में भारी त्रुटियाँ सामने आने के बाद बड़े पैमाने पर किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। कई किसानों ने बताया कि उनके धान के रकबे में मनमाने तरीके से कटौती कर दी गई है, जिससे फसल बीमा, अनुदान और खरीद प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है।
त्रुटि सुधार की निर्धारित अंतिम तिथि पर राजस्व विभाग और तहसीलों में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। किसान पूरे दस्तावेजों के साथ घंटों लाइन में लगे रहे, वहीं प्रशासनिक अमले को भीड़ संभालने में परेशानी हुई। किसानों का कहना है कि पोर्टल में बार-बार तकनीकी समस्याएँ आने से त्रुटि सुधार कार्य प्रभावित हुआ।
किसान संगठनों ने त्रुटि संशोधन की अवधि बढ़ाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है। उनका कहना है कि एसएआर (SAR) ड्यूटी और अन्य कार्यों में व्यस्तता के कारण राजस्व विभाग का काम लगभग ठप पड़ा हुआ है, जिससे सुधार कार्य समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। हालांकि, अवधि बढ़ाने पर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फाइल फोटो बनाकर भी दीजिए





