छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम के साथ किया समझौता, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा में निवेश बढ़ाने के लिए बड़ा कदम

नई दिल्ली/बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स-सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नैसकॉम के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ, जिससे राज्य में कौशल विकास और आईटी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चंडक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। वहीं, बायो-एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए पराली से हरित ईंधन (Compressed Bio-Gas – CBG) उत्पादन की दिशा में ठोस पहल की गई है।
आईटी और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा, नैसकॉम के साथ समझौता
राज्य सरकार ने आईटी सेक्टर में रोजगार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नैसकॉम के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत, नया रायपुर को एक प्रमुख आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ में आईआईटी, एनआईटी, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल युवा तैयार कर रहे हैं। यह समझौता हमारे राज्य को आईटी सेक्टर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।” सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मिलेगा नया प्रोत्साहन
बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में IESA अध्यक्ष अशोक चंडक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेश अनुकूल वातावरण और बुनियादी ढांचे पर जानकारी दी।
IESA अध्यक्ष अशोक चंडक ने छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर रुचि जताई और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे प्रोत्साहनों की सराहना की। इस बैठक में इंडस्ट्रियल क्लस्टर, स्किल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पराली से बनेगा हरित ईंधन, जैविक ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए GPRS Arya Pvt. Ltd. के दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में पराली से बायोगैस (Compressed Bio-Gas – CBG) उत्पादन पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर पहला CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्यरत होने की दिशा में है। इस परियोजना की सफलता के बाद, कंपनी अन्य जिलों में भी CBG प्लांट लगाने की योजना बना रही है, जिससे किसानों को पराली से अतिरिक्त आय मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सरकार हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत बायोगैस, सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।”
छत्तीसगढ़ बनेगा आईटी, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा का हब
छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। आईटी सेक्टर में नैसकॉम के साथ समझौता, सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश को लेकर IESA के साथ चर्चा और हरित ऊर्जा में CBG प्लांट की पहल, राज्य को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
