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गांव में ही मिलेगा राजस्व समाधान, तकनीक से जुड़ रहा प्रशासन — कलेक्टर  गोपाल वर्मा

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की मंशा पर आधारित पहल को जिले में कलेक्टर दे रहे मूर्त रूप

कवर्धा, 31 जुलाई 2025।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मंशा को साकार करते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश में पहली बार 24 राजस्व निरीक्षक सर्किलों में विशेष राजस्व समाधान शिविरों की अभिनव शुरुआत की गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में 23 जुलाई से 29 अगस्त तक यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी, त्वरित और सुलभ राजस्व सेवा उपलब्ध कराना है।

इसी क्रम में 31 जुलाई को सहसपुर लोहारा विकासखंड के मंगल भवन में आयोजित राजस्व समाधान शिविर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने उपस्थित आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और निराकरण की प्रक्रिया का जायजा लिया। शिविर में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 82 का त्वरित निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। इन आवेदनों में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, अभिलेख सुधार, नक्शा बटांकन, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसी समस्याएं शामिल थीं, जिनमें से अधिकांश का समाधान ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया।

शिविर के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष  संतोष मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य परदेशी पटेल, लालाराम, अपर कलेक्टर विनय पोयम, बोड़ला एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ शिव साहू, राजस्व निरीक्षक, पटवारी सहित संबंधित ग्रामों के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीणों को उनके ही गांव में राजस्व से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। राजस्व समाधान रथ इस लक्ष्य की पूर्ति का प्रभावशाली माध्यम बन रहा है, जो आधुनिक तकनीकी संसाधनों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों से सुसज्जित है। यह रथ लोक सेवा केंद्र से लिंक रहेगा, जिससे नामांतरण, नक्शा, खसरा, गिरदावरी जैसे प्रकरणों का त्वरित निराकरण एवं एग्रीस्टैक पंजीयन भी संभव हो सकेगा।

उन्होंने आगे बताया कि राजस्व समाधान शिविरों में आधार कार्ड निर्माण, प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत बैंक खाता खोलने, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण, किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीयन, विद्यार्थियों के लिए आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी शिविर में किए जा रहे हैं। शिविर स्थलों पर कोटवारों के माध्यम से मुनादी कर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी जा रही है ताकि वे अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित हो सकें।

इन शिविरों के माध्यम से विवादित एवं अविवादित नामांतरण, सीमांकन, नक्शा बटांकन, अशुद्धलेख सुधार, बी-1 पठन, किसान किताब वितरण, भू-अर्जन, फसल और जनहानि संबंधी प्रकरण (आरबीसी 6-4), व्यपवर्तन, धारा 115 के आवेदन, आधार सीडिंग, मोबाइल लिंकिंग, जेंडर प्रविष्टि तथा कोटवारी भूमि विक्रय जैसे विषयों पर भी समाधान किया जा रहा है। साथ ही प्रमाण पत्रों का मौके पर निर्माण कर वितरण भी किया जा रहा है, जिससे शिविरों की उपयोगिता और प्रभावशीलता दोनों ही ग्रामीणों के लिए प्रत्यक्ष रूप से अनुभव की जा रही है।

राजस्व समाधान शिविरों का आयोजन जिले के 24 स्थानों पर किया जा रहा है, जिनमें 1 अगस्त को सिल्हाटी, 4 को बिरेंद्र नगर, 5 को ठाठापुर, 6 को बाजार चारभांठा, 7 को समनापुर, 8 को पिपरिया, 11 को नेवारी, 12 को मरका, 13 को दशरंगपुर, 18 को छिरहा, 19 को कुंडा, 20 को दामापुर, 21 को मोहगांव, 22 को कुकदूर, 25 को कोदवागोड़ान, 27 को पंडरिया, 28 को बाद्यामुड़ा और 29 को रमतला आयोजित किया जाएगा।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिविरों की नियमित मॉनीटरिंग करते हुए राजस्व समाधान रथ की दक्षता को बनाए रखें और अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ देने के लिए समन्वित प्रयास करें।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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