कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव महोत्सव को लेकर इस बार तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। महोत्सव के लिए बनाया गया पुराना मंच तोड़ दिया गया, लेकिन नया मंच अब तक अधूरा ही है। ऐसे में मजबूरी में इस साल महोत्सव को छपरी (अस्थायी शेड) के सहारे आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को लगने वाला तेरस मेला इस बार भोरमदेव मंदिर परिसर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर आयोजित किया जाएगा। मंच निर्माण का काम समय पर पूरा नहीं हो पाने के कारण आयोजन स्थल को भी बदलना पड़ा है।
हर साल बड़े स्तर पर होने वाला भोरमदेव महोत्सव इस बार सीमित रूप में होगा। पहले जहां यह महोत्सव तीन दिनों तक चलता था, वहीं इस बार इसे घटाकर सिर्फ एक दिन का कर दिया गया है। अधूरी तैयारियों और मंच निर्माण में देरी के चलते आयोजन समिति को यह फैसला लेना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भोरमदेव महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में तैयारियों में लापरवाही से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने अस्थायी छपरी बनाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले की व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी न हो।




