
कवर्धा, छत्तीसगढ़।
कवर्धा शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गैस एजेंसियों की कथित मनमानी और लापरवाही से आम उपभोक्ता बुरी तरह परेशान हैं। एडवांस बुकिंग और ऑनलाइन पेमेंट के बावजूद उपभोक्ताओं को 10 से 15 दिनों तक सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे कई घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार बुकिंग कराने और भुगतान करने के बावजूद समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाती। इतना ही नहीं, जब उपभोक्ता एजेंसी से संपर्क करने के लिए फोन करते हैं तो बार-बार कॉल करने के बावजूद फोन तक नहीं उठाया जाता, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।
उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एजेंसियां जानबूझकर गैस सिलेंडरों की सप्लाई में देरी करती हैं और बाद में इन्हें ब्लैक मार्केट में अधिक कीमत पर बेचने का खेल चलता है। यदि इन आरोपों की जांच होती है तो गैस वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
एक और बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर होम डिलीवरी के माध्यम से मिलता है और जिन्हें खुद एजेंसी जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है, दोनों से एक समान दर वसूली जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह पूरी तरह से अनुचित है और सीधे-सीधे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
शहर के कई मोहल्लों में गैस एजेंसियों की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि गैस एजेंसियों की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को समय पर और निर्धारित कीमत पर एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके और एजेंसियों की मनमानी पर रोक लग सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और परेशान उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





