24 साल पुराने हाफ नदी पुल में आई दरारें, हजारों राहगीरों की जान जोखिम में

कवर्धा/दामापुर। ग्राम दामापुर–कोदवा–निगापुर मार्ग पर स्थित हाफ नदी का पुल इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्ष 2002 में निर्मित यह पुल अब लगभग 24 साल पुराना हो गया है और वर्तमान में इसकी सतह पर गड्ढे व गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। इसी पुल से प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों और वाहनों का आवागमन होता है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की मरम्मत के नाम पर केवल डामर की पतली परत बिछा दी गई है, जो स्थायी समाधान साबित नहीं हो रही। भारी वाहनों के गुजरने से यह परत भी उखड़ने लगी है और दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इसके जर्जर होने से न सिर्फ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, बल्कि आपात स्थिति में आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। बावजूद इसके संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस मरम्मत या पुनर्निर्माण की पहल नहीं की गई है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तकनीकी जांच कराकर तत्काल मरम्मत कराई जाए या नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान हो सके।
यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो यह जर्जर पुल कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।





