
कवर्धा, 27 जनवरी 2026।
जिले में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर पुनिता कुमार (जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य सलाहकार, रायपुर) ने सभी विकासखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों व रोकथाम उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वन विनाश, जीवाश्म ईंधन और औद्योगिक प्रदूषण के कारण जलवायु परिवर्तन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ कृषि, वायु, जल और मृदा पर भी पड़ रहा है। हाल के वर्षों में मौसम पैटर्न में बदलाव, फसल क्षति, आकाशीय बिजली, सर्पदंश जैसी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है।
सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुर्रे ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण सांस की तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन, त्वचा रोग व अस्थमा जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ समाज की नींव बताते हुए नागरिकों से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक के सीमित उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने तथा कचरे के पृथक्करण व पुनर्चक्रण की अपील की।
यह प्रशिक्षण कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने किया। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका पटेल एवं जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट नेतराम साहू ने सक्रिय सहभागिता निभाई।





