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कबीरधाम / रायपुर-: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों/लैब में होने वाली सभी प्रमुख चिकित्सा जांच—जैसे ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई—की एक समान (सरकारी) दरें तय की जाएंगी।
इस फैसले का उद्देश्य मरीजों को महंगे निजी बिलों से राहत देना और जांच दरों में पारदर्शिता लाना है। फिलहाल सरकारी अस्पतालों में कई जांचें मुफ्त या बहुत कम शुल्क पर होती हैं, लेकिन भीड़ और उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ता है, जहां खर्च काफी अधिक होता है।
योजना लागू होने पर क्या बदलेगा?
मरीज प्रदेश के किसी भी नजदीकी निजी अस्पताल या लैब में सरकारी दर पर जांच करा सकेंगे।
सरकारी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और रिपोर्ट जल्दी मिल सकेगी।
गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर इलाज का बोझ घटेगा।
सरकारी बनाम निजी जांच शुल्क (वर्तमान स्थिति)
सरकारी अस्पताल (₹):
ब्लड टेस्ट: 50–250
ब्लड शुगर: 50–100
लिवर/किडनी जांच: 100–300
कोलेस्ट्रॉल: 350–400
एक्स-रे: 500–800
सोनोग्राफी: 180–250
सीटी स्कैन: 600–1,200
एमआरआई: 0–500
(नोट: सीटी/एमआरआई के कुछ रेट बीपीएल/आयुष्मान के अंतर्गत हैं)
निजी अस्पताल/लैब (₹):
ब्लड टेस्ट: 200–500
ब्लड शुगर: 100–300
लिवर/किडनी जांच: 500–1,000
कोलेस्ट्रॉल: 200–500
एक्स-रे: 600–2,000
सोनोग्राफी: 2,500–10,000
सीटी स्कैन: 5,000–15,000
दरें तय करने पर मंथन
सरकार सभी जांचों के मानकीकृत रेट तय करने के लिए विस्तृत अभ्यास कर रही है, ताकि निजी अस्पताल और लैब संचालकों का सहयोग भी सुनिश्चित हो। इसके लिए जल्द ही निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।
सरकार का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। सरकारी सिस्टम को मजबूत करने के साथ निजी अस्पतालों में जांच की दरें भी तय की जाएंगी, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
यह पहल लागू होने पर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और किफायत—दोनों में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।





