
कवर्धा/कुकदूर।
ग्राम पोलमी स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा) आवासीय विद्यालय में कक्षा छठवीं की छात्रा राजेश्वरी बैगा की संदिग्ध मौत से प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। नवागांव (पोलमी) निवासी छात्रा विद्यालय में रहकर अध्ययनरत थी। प्रारंभिक तथ्यों में आश्रम प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई अपर कलेक्टर विनय पोयाम कर रहे हैं। टीम को घटना की विस्तृत जांच कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोप है कि परीक्षा के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर समय पर और समुचित इलाज नहीं कराया गया। यदि उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने आवासीय विद्यालय प्रबंधन और उपस्वास्थ्य केंद्र पोलमी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित परिजनों से मिले अधिकारी
रविवार को आदिमजाति विभाग के सहायक आयुक्त लक्ष्मीचंद पटेल आवासीय विद्यालय पोलमी पहुंचे। इस दौरान बैगा समाज के प्रमुख इतवारी मछिया और जिला पंचायत सदस्य दीपा धुर्वे भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से घटना की पूरी जानकारी ली।
इसके बाद सहायक आयुक्त ने उपस्वास्थ्य केंद्र पोलमी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदूर का निरीक्षण किया। देर शाम वे मृतका के निवास स्थान नवापारा (पोलमी) पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




