
कवर्धा-: छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुरू हुए शीतकालीन सत्र में अंजोर विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने सदन में भाग लेते हुए ग्रामीण, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक जिला स्तरीय सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
भावना बोहरा ने विधानसभा के रजत जयंती अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अंजोर विजन 2047 छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने का रोडमैप है। उन्होंने राज्य निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते 25 वर्षों में अंधकार से विकास की दिशा में लंबी यात्रा तय की है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों—कृषि, खाद्य सुरक्षा, बिजली उत्पादन, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और नक्सल विरोधी प्रयासों—का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इस विकास को आगे बढ़ा रही है। अंजोर विजन डॉक्यूमेंट को उन्होंने प्रदेश की भावी पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बताया।
पंडरिया क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को रखा सदन में
विधायक भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, बिजली, पेयजल और अधोसंरचना के विस्तार की मांग की। उन्होंने हाफ नदी परियोजना के विस्तार, 5 मॉडल स्कूल और अस्पताल की स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और वनांचल क्षेत्रों में सिंचाई व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने पंडरिया क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास, मंदिरों के जीर्णोद्धार और भोरमदेव कॉरिडोर की तर्ज पर अन्य स्थलों के उन्नयन की मांग रखते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।




