कबीरधाम
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सरदार वल्लभभाई पटेल शक्कर कारखाना पंडरिया: भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन से उद्योग रसातल में
कवर्धा / पंडरिया ब्रजेश गुप्ता छत्तीसगढ़ के पंडरिया स्थित ऐतिहासिक सरदार वल्लभभाई पटेल शक्कर कारखाने में व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और…
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प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) : समर्थन मूल्य उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन प्रारंभ, 28 फरवरी 2026 अंतिम तिथि…
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अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर सम्मान समारोह संपन्न
कवर्धा -: अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (03 दिसम्बर 2025) के अवसर पर जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा शासकीय…
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सेवा, संवेदना, सशक्तिकरण और सतत विकास के दो वर्ष पूर्ण: पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने जताया जनता का आभार
पंडरिया। छत्तीसगढ़ में 3 दिसंबर 2023 को हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार…
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चिल्फ़ी घाटी में पहाड़ी हवाओं की सिहरन में प्रकृति ने जैसे प्रेम की पहली आहट बिखेरी
ब्रजेश गुप्ता कवर्धा -: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की चिल्फ़ी घाटी—जिसे लोग मिनी शिमला के नाम से पुकारते हैं—इन दिनों…
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डोंगरगढ़–कटघोरा नई रेल लाइन प्रोजेक्ट अटका, 800 करोड़ खर्च के बाद भी ज़मीन पर काम शून्य
ब्रजेश गुप्ता कवर्धा -: छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित डोंगरगढ़–कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना लंबे समय से ठप पड़ी है। परियोजना…
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संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कवर्धा शहर में एसआईआर कार्य का किया निरीक्षण*
कवर्धा, 02 दिसंबर 2025। दुर्ग संभागायुक्त श्री एस. एन. राठौर ने अपने कवर्धा प्रवास के दौरान कलेक्टर श्री गोपाल…
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संभागायुक्त ने घोठिया में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज स्थल का निरीक्षण किया
कवर्धा, 02 दिसंबर 2025। दुर्ग संभागायुक्त एस.एन. राठौर ने कलेक्टर गोपाल वर्मा के साथ ग्राम घोठिया स्थित प्रस्तावित मेडिकल…
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जनमन और पीएम आवास में रफ्तार तेज—कवर्धा कलेक्टर का सख्त निर्देश! ????
कवर्धा, 02 दिसंबर 2025। साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि…
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रेवाबंद तालाब उद्यान बदहाल: 25 लाख खर्च होने के बाद भी नहीं हुई एक बार सफाई, शराबियों का अड्डा बना खबर : नगर पालिका क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक रेवाबंद तालाब उद्यान अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। करीब 15 वर्ष पहले वर्ष 2007 में नगर पालिका द्वारा तालाब और उद्यान के सौंदर्याकरण पर लगभग 25 लाख रुपए से अधिक खर्च किए गए थे। उस समय तालाब के किनारे पचरी (पाथवे) निर्मित की गई थी और चारों ओर गार्डन विकसित किया गया था। उम्मीद थी कि यह स्थान लोगों के लिए मनोरंजन और सैर-सपाटे का बेहतर केंद्र बनेगा, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से स्थिति इसके उलट हो गई है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार सौंदर्याकरण के बाद से अब तक एक बार भी इसकी सफाई नहीं कराई गई। तालाब के किनारों पर कूड़े का ढेर जमा रहता है, वहीं पाथवे बुरी तरह उखड़ चुके हैं। उपेक्षा का आलम यह है कि अब यह जगह शराब पीने वालों का अड्डा बन चुकी है। शराबियों द्वारा डिस्पोजल ग्लास, बोतलें और अन्य कचरा फेंकने से उद्यान की सुंदरता पूरी तरह नष्ट हो गई है। इसके अलावा यहां मूत्र-त्याग और कई अवैध गतिविधियों की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका यदि नियमित सफाई, सुरक्षा और मरम्मत कार्य करे तो यह जगह फिर से सुंदर और उपयोगी बन सकती है। फिलहाल नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
कवर्धा -: नगर पालिका क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक रेवाबंद तालाब उद्यान अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। करीब 15…
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