
कुंडा (प्रतापगढ़)।
कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत सोमवार, 26 जनवरी 2026 को ग्राम अतरिया खुर्द में जन चौपाल एवं जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, मजदूर, किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और एक स्वर में केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया।
जन चौपाल का आयोजन ब्लॉक अध्यक्ष उतरा दिवाकर के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर दामापुर मनरेगा बचाओ संग्राम के सेक्टर प्रभारी प्रशांत परिहार एवं मंडल अध्यक्ष दामापुर प्रमोद पात्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेक्टर प्रभारी प्रशांत परिहार ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि वर्ष 2005 में कांग्रेस पार्टी द्वारा गरीबों, मजदूरों और किसानों को आत्मसम्मान के साथ रोजगार देने के उद्देश्य से लागू की गई ऐतिहासिक पहल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा में किए जा रहे बदलाव इस योजना को कमजोर करने और धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कदम हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए जीवनरेखा थी, जो सम्मानजनक रोजगार की संवैधानिक गारंटी देती थी, लेकिन मौजूदा परिवर्तनों से यह पूरी तरह ठप पड़ सकती है।
ब्लॉक अध्यक्ष उतरा दिवाकर ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार को गांव, गरीब, मजदूर और किसानों से कोई सरोकार नहीं है। सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है और मनरेगा में बदलाव इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना में परिवर्तन को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
वहीं मंडल अध्यक्ष प्रमोद पात्रे ने कहा कि मनरेगा कमजोर होने से गांव के गरीब, मजदूर और किसानों को फिर से रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ेगा। अपने घर-परिवार से दूर रहकर जीवन यापन करना मजबूरी बन जाएगा। उन्होंने इसे ग्रामीण समाज के साथ अन्याय करार दिया।
जन चौपाल में भारी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में उतरा दिवाकर (ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कुंडा), प्रशांत परिहार (मनरेगा प्रभारी संग्राम सेक्टर दामापुर), प्रमोद पात्रे (मंडल अध्यक्ष दामापुर), बद्री खांडे (अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण कुंडा), रामावतार सिंगरौल (उपाध्यक्ष ब्लॉक कुंडा), भरत साहू (महामंत्री कुंडा), शिव कुमार चौहान, अंशु साहू, सेलेश दिवाकर सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान एवं मजदूर शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने मनरेगा को बचाने और केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।




