पोड़ी में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण: वैज्ञानिक खेती और मिट्टी स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष मार्गदर्शन

कवर्धा, 16 जनवरी 2025। कृषि विज्ञान केंद्र, कवर्धा एवं साइटोलाइफ एग्रीटेक, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पोड़ी में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, फसल रोग प्रबंधन तथा मिट्टी स्वास्थ्य सुधार से संबंधित व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान कृषकों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण किया गया और जांच रिपोर्ट के आधार पर फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु उपयुक्त अनुशंसाएँ दी गईं। कृषि विज्ञान केंद्र कवर्धा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने गन्ना फसल में लगने वाले प्रमुख रोग—लाल सड़न, चाबुक कंडवा तथा तना छेदक कीट—के समन्वित प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लाल सड़न रोग की रोकथाम हेतु टेबुकोनाजोल से बीज उपचार सहित अन्य वैज्ञानिक उपायों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. परिहार ने गन्ने की उन्नत किस्मों, सस्य क्रियाओं, संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं खरपतवार नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक किया। साइटोलाइफ एग्रीटेक, मुंबई के सीईओ डॉ. अमित त्रिपाठी ने स्वयं उपस्थित होकर किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि मिट्टी परीक्षण के दौरान अधिकांश खेतों में विद्युत लवणीयता अधिक तथा आर्गेनिक कार्बन की मात्रा अत्यंत कम (0.1 से 0.3%) पाई गई, जबकि इसका आदर्श स्तर 3 से 5% होना चाहिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


