ब्रजेश गुप्ता
रायपुर/देशव्यापी: सहारा इंडिया में वर्षों से जमा रकम वापस पाने के लिए लाखों लोग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। कोर्ट में लगातार तारीखें बढ़ती जा रही हैं, वहीं सरकार की तरफ से की जा रही धन-वापसी प्रक्रिया जनता के लिए ऊंट के मुंह में जीरा जैसी साबित हो रही है। मेहनत की कमाई से निवेश करने वाले लोग अब तक अपने ही पैसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जमा कर्ताओं में कई ऐसे हैं जो बीमारी, दुर्घटना या बेटी की शादी जैसे मुश्किल हालातों में भारी कर्ज लेने को मजबूर हैं। लोग आरोप लगाते हैं कि जिस धीमी गति से धन वापसी हो रही है, उसके हिसाब से समाधान में वर्षों लग सकते हैं। जनता का कहना है कि “शायद जब तक पूरी प्रक्रिया समाप्त होगी, तब तक कोर्ट फैसला सुनाएगा और फिर नए दस्तावेज, एफिडेविट जैसी नई औपचारिकताएं सामने आ जाएंगी। यह सिलसिला कहीं खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा।”
इस मामले से सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर के निवेशक प्रभावित हैं। करोड़ों रुपये फंसे होने के कारण यह समस्या भविष्य में और विकराल रूप ले सकती है। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि मामले का शीघ्र निपटारा कर त्वरित समाधान निकाला जाए, वरना इसके गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
जनता की उम्मीद अब सरकार और न्यायपालिका पर टिक गई है, ताकि वर्षों की कमाई और भरोसे की लौटाने की राह आसान हो सके।

Brajesh Gupta

By Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com