
ग्राउंड रिपोर्ट | कवर्धा। ब्रजेश गुप्ता
कवर्धा– भोरमदेव रोड पर 132 केवी बिजली सब स्टेशन के पास स्थित पर्यटन विभाग का मोटल आज पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। कभी पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाया गया यह मोटल अब असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मोटल में लगे सभी खिड़की-दरवाजे चोरी हो चुके हैं। भीतर की टाइल्स टूट-फूट गई हैं, दीवारों पर दरारें पड़ चुकी हैं और परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है। रखरखाव के अभाव में इमारत जर्जर हो चली है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल पा रही।
सबसे गंभीर बात यह है कि खंडहर हो चुके इस मोटल में आए दिन नशाखोरी की गतिविधियां देखने को मिलती हैं। शाम ढलते ही असामाजिक तत्व यहां जमा होने लगते हैं, जिससे आसपास के रहवासियों में भय का माहौल बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मोटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधीन है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लेने नहीं पहुंच रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर भी कुछ नजर नहीं आता, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
इस संबंध में रहवासियों ने मांग की है कि या तो मोटल का तत्काल जीर्णोद्धार कर इसे दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाए, या फिर यहां स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही नशाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि वर्षों से उपेक्षित पड़े इस सरकारी संपत्ति की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? क्या प्रशासन जागेगा, या यह मोटल यूं ही खंडहर बनकर सामाजिक समस्या का कारण बना रहेगा?





