लापरवाही से क्रांति जलाशय का पानी नाले में बहाया जा रहा, चार दिन से खुला मुख्य गेट
गर्मी से पहले खाली हो सकता है बांध, मछली पकड़ने और डुबान क्षेत्र में खेती के लिए छोड़ा गया पानी

सीजीएन न्यूज़ | पंडरिया। ब्रजेश गुप्ता
पंडरिया नगर से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्र के एकमात्र क्रांति जलाशय का पानी पिछले चार दिनों से लगातार हरी नाले में बहाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल पानी छोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है, इसके बावजूद मुख्य गेट खोल कर पानी को खाली किया जा रहा है। आरोप है कि यह सब सिंचाई विभाग के कर्मचारियों और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर साल दोहराई जाती है। अजय पन्द्राम, रमेश पन्द्राम, सोन सिंह और रामस्वरूप यादव सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि मछली पकड़ने और डुबान क्षेत्र में खेती के लिए जानबूझकर बांध का पानी छोड़ा जा रहा है। हाल ही में मुख्य गेट के सामने बनी कांक्रीट नाली को तोड़कर पानी का बहाव बढ़ाया गया है, जिससे जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
गांवों के भूजल स्तर पर मंडराया खतरा
क्रांति जलाशय आसपास के गांव सगौना और रहमान कापा के भूजल स्तर को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। अनावश्यक जल निकासी से आशंका है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही बांध सूख सकता है। इसका सीधा असर इन गांवों के ट्यूबवेल और हैंडपंपों पर पड़ेगा और पेयजल संकट गहरा सकता है।
ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जलाशय क्षेत्र में चल रहे नाली और पुलिया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों को पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गेट खोला गया है। नियमानुसार निर्माण कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन विभागीय कर्मचारी नहर को जगह-जगह काटकर पानी उपलब्ध करा रहे हैं और इस अव्यवस्था को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल इसी तरह जलाशय को खाली किया जाता है, जिससे क्षेत्र में जलसंकट की स्थिति बनती है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी कर्मचारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
पंडरिया जल संसाधन विभाग के एसडीओ केके शर्मा ने स्वीकार किया कि कुछ कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही टीम भेजकर स्थल निरीक्षण कराया जाएगा और बांध के गेट बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी।





