
ब्रजेश गुप्ता
कवर्धा/चिल्फी घाटी।
मैकल पर्वत श्रृंखला की तराई में स्थित चिल्फी घाटी में इस सप्ताह कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार को सीजन में पहली बार यहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नमी करीब 40 प्रतिशत रहने से रात में गिरने वाली ओस जमने लगी। सुबह खाली खेतों, पुआल के ढेर और फूल-पत्तियों पर जमी ओस बर्फ जैसी दिखाई दी।
कुछ लोगों ने घरों के बाहर पानी से भरी थालियां रखी थीं, जो रात की ठंड में जमकर बर्फ बन गईं। सुबह चिल्फी घाटी हल्के कोहरे की चादर में लिपटी नजर आई। दृश्यता कम होने के कारण नेशनल हाईवे-30 पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दिन चढ़ने के साथ कोहरा तो छंट गया, लेकिन धूप में भी खास गर्मी महसूस नहीं हुई। हवा में नमी और ठंडक बनी रहने से दिनभर हल्की सिहरन रही।
अगले 2–3 दिन शीतलहर की संभावना
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र की मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से 5 से 7 जनवरी के बीच प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा और शीतलहर की स्थिति बन सकती है। रात का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरने की संभावना जताई गई है।
तीन दिन में तेजी से गिरा तापमान
पिछले तीन दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चिल्फी घाटी में ठंड तेजी से बढ़ी है।
4 जनवरी: न्यूनतम तापमान 9 डिग्री
5 जनवरी: 6 डिग्री
6 जनवरी (मंगलवार): 4 डिग्री
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिनों तक न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
8 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 8 जिलों के लिए 7 और 8 जनवरी को शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा शामिल हैं।
ऊंचाई और घने जंगलों के कारण ज्यादा ठंड
चिल्फी घाटी मैदानी इलाकों की तुलना में ऊंचाई पर बसी है और चारों ओर साल के घने जंगलों से घिरी हुई है। इसी वजह से यहां ठंड अधिक पड़ती है। हर साल नवंबर से जनवरी के बीच यहां ओस जमने की स्थिति बनती है। इसी कारण चिल्फी घाटी को कबीरधाम का हिल स्टेशन भी कहा जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में ठिठुरन और बढ़ सकती है।





