गांवों की सीमाओं की जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज
कवर्धा -: देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना कराई जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बार जनगणना के आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे और सभी कार्यों की मॉनिटरिंग वेब पोर्टल से होगी। इसके साथ ही कबीरधाम जिले के सभी गांवों की सीमाओं की जियो-रेफरेंसिंग की जाएगी, जिसके लिए गूगल अर्थ प्रो का उपयोग किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना को लेकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में तहसीलों के चार्ज अधिकारी (ग्रामीण व नगरीय) और तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। जनगणना कार्य निदेशालय के नोडल अधिकारी बलवंत सोम कुंवर ने बताया कि इस बार स्व-गणना की सुविधा भी रहेगी, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, हालांकि सर्वेयर मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे।
प्रथम चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मकानों की सूची तैयार की जाएगी और गांवों के मानचित्रों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। जिले में नवंबर 2025 में कुकदूर तहसील क्षेत्र में प्री-टेस्ट भी किया जा चुका है, जिससे आवश्यक जानकारियां प्राप्त हुई हैं।
द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में पूरे देश में एक साथ जनसंख्या गणना होगी। इसके लिए जिले में लगभग दो हजार प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। जनगणना के लिए तैयार मोबाइल एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा, जिससे नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भी डेटा संग्रह संभव होगा।



