
कवर्धा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना गन्ना आपूर्ति में लगातार कमी से जूझ रहा है। कुल 23,476 शेयरधारी किसानों में से केवल लगभग 13,000 किसान ही गन्ना कारखाने को बेच रहे हैं, जबकि शेष किसान निजी गुड़ फैक्ट्रियों को गन्ना बेच रहे हैं। गन्ना आपूर्ति घटने से कारखाना निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा और पेराई सत्र समय से पहले बंद करना पड़ रहा है। नुकसान की स्थिति देखते हुए कारखाना प्रबंधन अब नए शेयरधारी बनाने की प्रक्रिया में जुट गया है।
नए सदस्यों के लिए आवेदन शुरू, अब तक 6 हजार आवेदन प्राप्त
कारखाने में नए अंशधारी सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक लगभग 6 हजार किसानों ने सदस्य बनने के लिए आवेदन दिया है। नए शेयरधारी के लिए 2100 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। सदस्यता सिर्फ उन्हीं किसानों को दी जाएगी जो गन्ना की खेती करते हैं तथा आवश्यक दस्तावेज (कृषि संबंधी कागजात, आधार आदि) प्रस्तुत करेंगे।
साथ ही लंबे समय से कारखाने को गन्ना न देने वाले पुराने शेयरधारी किसानों के शेयर रद्द करने पर भी विचार किया जा रहा है। निर्णय समिति द्वारा किया जाएगा।
गैर-शेयरधारी किसानों से पहले दो ट्रॉली गन्ना खरीदेगी समिति
पहले गैर-शेयरधारी किसानों से दो ट्रॉली गन्ना खरीदा जाएगा, इसके बाद उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। सदस्य बनने पर किसानों को गन्ना विक्रय, रियायती शक्कर, प्रेस मड और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
3 साल में 325 करोड़ का भुगतान
कारखाने ने पिछले तीन सालों में किसानों को 325 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।
पेराई सत्र 2023-24 और 2024-25 में 300 करोड़ से अधिक राशि दी गई, जबकि 2025-26 सत्र में अब तक 24.85 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है।
वर्तमान सत्र में 1,05,975 एमटी गन्ने की पेराई कर 1,09,565 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया गया है। जबकि इस वर्ष 4.50 लाख एमटी पेराई का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य पूरा न होने की आशंका बढ़ गई है क्योंकि ब्रेक ईवन प्वाइंट के लिए कम से कम 4 लाख टन पेराई आवश्यक है।
निजी गुड़ फैक्ट्रियों में 400 रुपए क्विंटल रेट, किसान वहीं बेचने लगे गन्ना
जिले में 100 से अधिक निजी गुड़ फैक्ट्रियाँ सक्रिय हैं। यहां गन्ने का रेट 400 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है और भुगतान 2 से 5 दिन में मिल जाता है। इसी कारण बड़ी संख्या में किसान अपना गन्ना वहीं बेच रहे हैं, जिससे कारखाने की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।




