
कवर्धा-: कवर्धा शहर के लालपुर–सरोदा बांध रोड के समीप वन विभाग द्वारा लगभग दस वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से विकसित किया गया ऑक्सीजन जोन आज बदहाली का शिकार हो गया है। जिस परियोजना को शहरी हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का प्रतीक बताया गया था, वहां अब न पर्याप्त पेड़-पौधे बचे हैं और न ही नियमित देखरेख की कोई व्यवस्था दिखाई देती है।
परियोजना के शुरुआती दौर में दावा किया गया था कि यह क्षेत्र ऑक्सीजन-समृद्ध रहेगा और विशेषकर गर्मी के मौसम में शहरवासियों को ठंडक व ताजी हवा उपलब्ध कराएगा। लेकिन समय के साथ हालात बदलते चले गए। पौधारोपण की कमी, सिंचाई और रखरखाव के अभाव में हरियाली घटती गई। वहीं, उस समय बनाए गए शेड और अन्य संरचनाएं अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियमित देखभाल और पुनः पौधारोपण किया जाता, तो यह ऑक्सीजन जोन आज भी शहर के लिए उपयोगी साबित हो सकता था। वर्तमान स्थिति में यह महत्वाकांक्षी योजना सिर्फ कागजों में सफल और जमीनी स्तर पर असफल नजर आ रही है।
पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने शासन व वन विभाग से मांग की है कि इस परियोजना पर फिर से ध्यान दिया जाए। उचित बजट, नियमित रखरखाव और हरित विकास के माध्यम से ऑक्सीजन जोन को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप पुनर्जीवित किया जाए, ताकि यह क्षेत्र वास्तव में शहरवासियों के लिए स्वच्छ हवा और सुकून का केंद्र बन सके।



